Sent Ke Sisi - Khesari Lal Yadav & Shilpi Raj Lyrics

आज काहे, धनिया, तू गील बाड़ू हो?
भीतर से फेंकत feel बाड़ू हो
आज काहे, धनिया, तू गील बाड़ू हो?
भीतर से फेंकत feel बाड़ू हो
बोलऽ, पावत बाड़ू कवन माजा?
सुनऽ
Scent के सीसी ढरकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा
अरे, हमरो मिजाज बहकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा
अतने पर दीवाना बाड़ू
कुछऊ ना करत माना बाड़ू
सुनऽ, ए राजा, मन करे सटल रहीं (पँजरे में)
आवऽ, धूक दे ना आज मोरा (पँजरे में)
लागे तहरो मिजाज भइल ताजा
Scent के सीसी ढरकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा
ए-हो, हमरो मिजाज बहकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा
पनरे, सोरे, सतरे होई
कुछऊ ना कुछ आज खतरे होई (अच्छा जी)
हो, ए-हो, Krishna Bedardi, (Khesari, हमार)
देखीं scene होई आज वाला (उमड़ल बा प्यार)
बरियारी धरत बाड़ू भर पाँजा
Scent के सीसी ढरकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा
अरे, हमरो मिजाज बहकवलऽ, सहर गमकवलऽ, ए राजा

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